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Khamoshi Shayari, Shayari On Khamoshi

Khamoshi Shayari, Shayari On Khamoshi

Khamoshi Shayari, Shayari On Khamoshi.Tadap Rahe Hai Ham Tumse Ek Alfaaz Ke Liye, Tod Do Khamoshi Hame Zinda Rakhne Ke Liye. तड़प रहे है हम तुमसे एक अल्फाज के लिए, तोड़ दो खामोशी हमें जिन्दा रखने के लिए।

मेरी आवाज़ किसी शोर में गर डूब गई

मेरी खामोशी बहुत दूर सुनाई देगी..

~गुलज़ार

***

Chalo Ab Jane Bhi Do Yaar Kya Karoge Dastaan Sunkar,
Khamoshi Tum Samjhoge Nahi Aur Bayan Humse Hoga Nahi.

चलो अब जाने भी दो यार क्या करोगे दास्तान सुनकर,
खामोशी तुम समझोगे नहीं और बयां हमसे होगा नहीं।

Khamoshi Shayari, Shayari On Khamoshi

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  • Meri Khamoshiyon Mein Bhi Fasana Dhoondh Leti Hai,
    Badi Shatir Hai Ye Duniya Bahana Dhoondh Leti Hai,
    Hakeekat Zid Kiye Baithi Hai Chaknachur Karne Ko,
    Magar Har Aankh Phir Sapna Suhana Dhoondh Leti Hai.मेरी खामोशियों में भी फसाना ढूंढ लेती है,
    बड़ी शातिर है ये दुनिया बहाना ढूंढ लेती है,
    हकीकत जिद किये बैठी है चकनाचूर करने को,
    मगर हर आंख फिर सपना सुहाना ढूंढ लेती है।
  • इंसान की अच्छाई पर सब खामोश रहते हैं,
    चर्चा अगर उसकी बुराई पर हो तो गूँगे भी बोल पड़ते हैं.
    खामोशी शायरी
  • जब ख़ामोश आखों से बात होती हैं,
    ऐसे ही मोहब्बत की शुरूआत होती हैं.
  • Meri Khamoshi Se Kisi Ko Koi Fark Nahin Padta,
    Aur Shikayat Me Do Lafj Kah Du To Wo Chubh Jate Hain.मेरी खामोशी से किसी को कोई फर्क नही पड़ता,
    और शिकायत में दो लफ़्ज कह दूं तो वो चुभ जाते हैं।
  • चेहरा पढ़ कर देखोगे तो जानोगेख़ामोशी का क्या क्या मतलब होता है~इनआम आज़मी
  • ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेनाबहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता~जावेद अख़्तर

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  • Jab Koi Khayal Dil Se Takrata Hai,
    Dil Na Chahkar Bhi Khamosh Rah Jata Hai,
    Koi Sab Kuchh Kahkar Pyar Jatata Hai,
    Koi Kuchh Na Kahkar Bhi Sab Bol Jata Hai.जब कोई ख्याल दिल से टकराता है,
    दिल न चाह कर भी खामोश रह जाता है,
    कोई सब कुछ कह कर प्यार जताता है,
    कोई कुछ न कहकर भी सब बोल जाता है।
  • कितनी लम्बी ख़ामोशी से गुज़रा हूँउन से कितना कुछ कहने की कोशिश की~गुलज़ार
  • जब कोई ख्याल दिल से टकराता हैं,
    दिल ना चाह कर भी, ख़ामोश रह जाता हैं,
    कोई सब कुछ कहकर प्यार जताता हैं,
    कोई कुछ ना कहकर भी, सब बोल जाता हैं.
  • जब इंसान अंदर से टूट जाता हैं,
    तो अक्सर बाहर से खामोश हो जाता हैं.
  • रंग दरकार थे हम को तेरी ख़ामोशी केएक आवाज़ की तस्वीर बनानी थी हमें~नाज़िर_वहीद

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  • जैसे इक तूफ़ान से पहले की ख़ामोशीआज मिरी बस्ती में ऐसा सन्नाटा है
  • शोर की तो उम्र होती है,
    खामोशी सदाबहार है…!!
  • दिल की धड़कने हमेशा कुछ-न-कुछ कहती हैं,
    कोई सुने या न सुने ये ख़ामोश नहीं रहती हैं.
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  • ख़ामोशी को इख़्तियार कर लेना,
    अपने दिल को थोड़ा बेकरार कर लेना,
    जिन्दगी का असली दर्द लेना हो तो
    बस किसी से बेपनाह प्यार कर लेना.
  • ख़ामोशी के दल-दल मेंकब से मेरे पाँव फँसे हैं !~गुलज़ार
  • Teri Khamoshi Agar Teri Majboori Hai,
    To Rehne De Ishq Kaun Sa Jaruri Hai.तेरी खामोशी अगर तेरी मजबूरी है,
    तो रहने दे इश्क कौन सा जरुरी है।

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  • Log To So Lete Hain Zamane Ki Chahal Pahal Me Bhi,
    Mujhe To Teri Khamoshi Sone Nahi Deti.लोग तो सो लेते हैं जमाने कि चाहेल पहेल में,
    मुझे तो तेरी खामोशी सोने नहीं देती।
  • Bheegi Aankho Se Muskurane Ka Maza Aur Hai,
    Hanste Hanste Palke Bhigone Ka Maza Aur Hai,
    Baat Keh Ke To Koi Bhi Samjh Leta Hai,
    Khamoshi Ko Koi Samjhe To Maza Aur Hai.भीगी आँखों से मुस्कुराने का मजा और है,
    हँसते हँसते पलके भिगोने का मजा और है,
    बात कह के तो कोई भी समझ लेता है,
    खामोशी को कोई समझे तो मजा और है।
  • कोई जब पूछ बैठेगा ख़ामोशी का सबब तुमसे,बहुत समझाना चाहोगे मगर समझा ना पाओगे !!
  • मेरी ख़ामोशी में सन्नाटा भी हैं और शोर भी हैं,
    तूने गौर से नहीं देखा, इन आखों में कुछ और भी हैं.
  • हर ख़ामोशी का मतलब इन्कार नही होता,
    हर नाकामी का मतलब हार नही होता,
    तो क्या हुआ अगर हम तुम्हें पा न सके
    सिर्फ पाने का मतलब प्यार नहीं होता.
    खामोशी शायरी
  • ख़ामोशी का हासिल भी इक लम्बी सी ख़ामोशी थीउन की बात सुनी भी हम ने अपनी बात सुनाई भी
  • *** खामोशी शायरी – Khamoshi Shayari ***

    खामोशी बहुत अच्छी है,
    कई रिश्तों की अाबरू ढक लेती है।

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  • होने को वो जैसा भी हो, हम हैं तो वो होगाख़ामोशी ही ख़ामोशी है इस बात से आगे~जमील_मज़हरी
  • Gila-Shiqwa Hi Kar Dalo Ke Kuchh Waqt Kat Jaye,
    Labon Pe Aapke Yeh Khamoshi Achhi Nahi Lagti.गिला शिकवा ही कर डालो के कुछ वक़्त कट जाए,
    लबो पे आपके यह खामोशी अच्छी नहीं लगती।
  • चलो अब जाने भी दो,
    क्या करोगे दास्ताँ सुनकर,
    ख़ामोशी तुम समझोगे नहीं,
    और बयाँ हम से होगा नहीं.
  • राज खोल देते हैं,
    नाजुक से इशारे अक्सर,
    कितनी ख़ामोश
    मोहब्बत की जुबान होती हैं.
    खामोशी शायरी
  • Haqikat Me Khamoshi Kabhi Bhi Chup Nahi Rahti Hai,
    Kabhi Tum Gaur Se Sunna Bahut Kisse Sunaati Hai.हक़ीकत में खामोशी कभी भी चुप नहीं रहती है,
    कभी तुम गौर से सुनना बहुत किस्से सुनाती है।

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  • ख़ामोशी का राज़ खोलना भी सीखोआँखों की ज़बाँ से बोलना भी सीखो~सूफ़ी_तबस्सुम
  • मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौनआवाज़ों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन~NidaFazli
  • रात गम सुम है मगर खामोश नहीं,
    कैसे कह दूँ आज फिर होश नहीं,
    ऐसे डूबा हूँ तेरी आँखों की गहराई में
    हाथ में जाम है मगर पीने का होश नहीं.
  • उसने कुछ कहा भी नहीं और मेरी बात हो गई,
    बड़ी अच्छी तरह से उसकी खामोशी से मुलाक़ात हो गई.
  • हम लबों से कह न पाये उन से हाल-ए-दिल कभीऔर वो समझे नहीं ये ख़ामोशी क्या चीज़ है~NidaFazli ~
  • यार सब जमा हुए रात की ख़ामोशी मेंकोई रो कर तो कोई बाल बना कर आया

    ~अहमद_मुश्ताक़

  • किताबों से ये हुनर सिखा है हमने,सब कुछ छिपाए रखो खुद में,

    मगर ख़ामोशी से…!!!

    -गुलज़ार

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  • जज्बात कहते हैं, खामोशी से बसर हो जाएँ,
    दर्द की ज़िद हैं कि दुनिया को खबर हो जाएँ.
  • जब कोई बाहर से खामोश होता है,
    तो उसके अंदर बहुत ज्यादा शोर होता हैं.
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  • Mohabbat Nahi Thi To Ek Baar Samjahaya To Hota,
    Naadan Dil Teri Kahamoshi Ko Ishq Samajh Baitha.मोहब्बत नहीं थी तो एक बार समझाया तो होता,
    नादान दिल तेरी खामोशी को इश्क समझ बैठा।
  • रगों में ज़हर-ए-ख़ामोशी उतरने से ज़रा पहलेबहुत तड़पी कोई आवाज़ मरने से ज़रा पहले
  • चुभता तो बहुत कुछ हैं मुझे भी तीर की तरह,
    लेकिन खामोश रहता हूँ तेरी तस्वीर की तरह.
  • मुझे अपने इश्क़ की वफ़ा पर बड़ा नाज था,
    जब वो बेवफा निकला, मैं भी खामोश हो गया.
  • बोलने से जब अपने रूठ जाए,
    तब खामोशी को अपनी ताकत बनाएं।
  • जो सुनता हूँ सुनता हूँ मैं अपनी ख़मोशी सेजो कहती है कहती है मुझ से मेरी ख़ामोशी

    ~BedamShahWarsi

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  • Teri Khamoshi Jala Deti Hai Iss Dil Ki Tamannao Ko,
    Baaki Sari Baatein Achhi Hain Teri Tasveer Mein.तेरी खामोशी जला देती है इस दिल की तमन्नाओ को,
    बाकी सारी बातें अच्छी हैं तेरी तश्वीर में।
  • ख़ामोश शहर की चीखती रातें,
    सब चुप हैं पर, कहने को है हजार बातें.
  • लोग कहते है कि वो बड़ा सयाना है,
    उन्हें क्या पता खामोशी से उसका रिश्ता पुराना है.
  • मैंने अपनी एक ऐसी दुनिया बसाई है,
    जिसमें एक तरफ खामोशी और दूसरी तरफ तन्हाई है.
    खामोशी शायरी
  • तन्हाइयों से परहेज़ कुछ यूँ भी है,की ख़ामोशी में तेरी आवाज़ सुनाई देती है !! ~पाकीज़ा
  • दोस्त की ख़ामोशी को मैं समझ नहीं पाया,
    चेहरे पर मुस्कान रखी और अकेले में आंसू बहाया।
  • ग़लत बातों को ख़ामोशी से सुनना हामी भर लेनाबहुत हैं फ़ाएदे इस में मगर अच्छा नहीं लगता
  • बातों को कोई न समझे
    बेहतर है खामोश हो जाना।
  • तेरी खामोशी, अगर तेरी मजबूरी है,
    तो रहने दे इश्क कौन सा जरूरी है.
  • हम लबों से कह न पाए उनसे हाल-ए-दिल कभीऔर वो समझे नहीं ये ख़ामोशी क्या चीज़ है -निदा फ़ाज़ली

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  • मेरी जिंदगी में मेरे दोस्तों ने मुझको खूब हँसाया,
    घर की जरूरतों ने मेरे चेहरे पर सिर्फ खामोशी ही लाया।
  • ख़ामोशी के कुएँ में उतरो कभीरेत ही रेत पड़ी है ख़स्ता आवाज़ों कीमुर्दा लफ़्ज़ों के कंकर हैंकाई लगी है दीवारों पर…

    ~गुलज़ार

  • जब खामोशी कमजोरी बन जाती है,
    तो खूबसूरत रिश्तों में दरारे आ जाती है.
  • वक्त तुम्हारे ख़िलाफ़ हो तो खामोश हो जाना,
    कोई छीन नहीं सकता जो तेरे नसीब में है पाना।
  • मुँह की बात सुने हर कोई दिल के दर्द को जाने कौन,आवाज़ों के बाज़ारों में ख़ामोशी पहचाने कौन !! -निदा फ़ाज़ली
  • कभी ख़ामोश बैठोगे, कभी कुछ गुनगुनाओगे,
    हम उतना याद आयेंगे, जितना तुम मुझे भुलाओगे.
  • ख़ामोश फ़िजा थी कोई साया न था,
    इस शहर में मुझसा कोई आया न था,
    किसी जुल्म ने छीन ली हमसे हमारी मोहब्बत
    हमने तो किसी का दिल दुखाया न था.
  • उसने कुछ इस तरह से की बेवफाई,
    मेरे लबो को खामोशी ही रास आई.
  • दर्द हद से ज्यादा हो तो आवाज छीन लेती है,
    ऐ दोस्त, कोई खामोशी बेवजह नहीं होती है.
  • ये पानी ख़ामोशी से बह रहा हैइसे देखें कि इस में डूब जाएँ

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