अफगानिस्तान से वतन लौटे सिख: गुरुद्वारे से अगवा निदान सिंह समेत 11 सिख भारत आए

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11 Afghan Sikhs, including Nidan Singh, abducted from Gurudwara last month, reach Delhi.
11 Afghan Sikhs, including Nidan Singh, abducted from Gurudwara last month, reach Delhi.

अफगानिस्तान से वतन लौटे सिख: गुरुद्वारे से अगवा निदान सिंह और तालिबानियों से बचाई गई नाबालिग समेत 11 सिख भारत आए. 11 Afghan Sikhs, including Nidan Singh, abducted from Gurudwara last month, reach Delhi.

  • अफगानिस्तान से 11 सिख रविवार को भारत आए। इनमें तालिबानियों से बचाई गई नाबालिग और गुरुद्वारा से अगवा किए गए निदान सिंह शामिल हैं।
  • अफगानिस्तान में रहने वाले निदान सिंह का एक महीने पहले तालिबानियों ने अपहरण कर लिया था फिर उन्हें रिहा कर दिया गया। 
  • इन सिखों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचकर कहा कि हिंदुस्तान ही हमारा माता और पिता है। सभी का एयरपोर्ट पर स्वागत किया गया।
  • इस दौरान भाजपा और अकाली दल के कुछ नेता भी उनके स्वागत के लिए वहां मौजूद थे।
  • ये सिख अभी शार्ट टर्म वीजा पर भारत आए हैं।
  • इन्हें विशेष विमान के जरिए काबुल से दिल्ली लाया गया है।
अफगानिस्तान से वतन लौटे सिख गुरुद्वारे से अगवा निदान सिंह समेत 11 सिख भारत आए
  • विदेश मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की थी कि अफगानिस्तान में परेशानियां झेल रहे अफगान हिंदू और सिख समुदाय के सदस्यों की भारत में वापसी की सहूलियत दी जाएगी। यह फैसला काबुल के गुरुद्वारे में हुए आतंकी हमले के बाद आया था। इसमें 25 लोगों की मौत हो गई थी।
  • भारत सरकार ने तालिबानियों द्वारा अपहृत किए गए निदान सिंह की रिहाई में अहम भूमिका निभाई थी। सिंह की रिहाई के लिए उनकी पत्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। उनका 17 जून को अफगानिस्तान के पकटिया गुरुद्वारा से अपहरण किया गया था। एक महीने बाद उनकी रिहाई हुई थी। निदान सिंह के साथ एक 16 साल की नाबालिग युवती सुनमित कौर भी है। उसका अपहरण करके जबरन मुस्लिम बनाकर निकाह करवाया जा रहा था। ये सभी लंबी अवधि के वीजा के तहत भारत आए हैं। नागरिकता संशोधन कानून के तहत इन्हें नागरिकता दी जाएगी।
  • भारत ने अफगानिस्तान में आतंकवादियों द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के उत्पीड़न और हत्या की निंदा की और इसे गंभीर चिंता का विषय भी बताया है।
  • अफगान सिख समुदाय के नेताओं ने भारत सरकार से अपील की थी कि वे अफगानिस्तान के सिखों और हिंदुओं को देश में शरण दें। उन्हें लॉन्ग टर्म मल्टिपल एंट्री वीजा दिया जाए। कभी अफगानिस्तान में 2 लाख 50 हजार सिख और हिंदू रहते थे। हिंसा और उत्पीड़न से उनकी संख्या में कमी हुई है। अब हिंदू और सिखों के 100 परिवार ही बचे हैं।
  • मीडिया से बात करते हुए निदान सिंह ने बताया कि अफगान के पहाड़ी इलाकों में तालिबानी आतंकी जंगल के जानवर की तरह घूमते रहते हैं। भगवान ने मुझे बचा लिया। मैं पूरी रात सो नहीं पाता था, वे हमेशा मेरी तरफ बंदूक ताने रहते थे। वे मुझे पीटते थे, जान से मारने की धमकी देते थे। वे मेरी उंगलियां और नाक काटने की बात कहते थे। उन लोगों ने मुझ पर भारत की तरफ से जासूसी करने का आरोप लगाया था जो पूरी तरह गलत है।

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